प्रतापगढ़ , जून 22 -- उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद की गौशालाओं की व्यवस्थाओं तथा गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान नगर पंचायत कटरा मेदनीगंज के अधिशासी अधिकारी (ईओ), नगर पंचायत पट्टी के ईओ तथा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर गोसेवा आयोग के सदस्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राम शब्द ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 75 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 2,426 गोवंश लाभार्थियों को सुपुर्द किए जा चुके हैं तथा अप्रैल 2026 तक की अनुदान राशि का भुगतान भी किया जा चुका है।

बैठक में श्री उपाध्याय ने गोबर आधारित पेंट निर्माण की बंद पड़ी इकाइयों को पुनः संचालित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे गौशालाओं को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और गोबर के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रत्येक माह गौशालाओं का भ्रमण कराया जाए। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान बच्चों को गोवंशों को गुड़ एवं रोटी खिलाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनमें पशु संरक्षण और गौसेवा के संस्कार विकसित हो सकें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोसेवा आयोग द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर हैं तथा उनका संरक्षण और संवर्धन समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने गोवंश संरक्षण, गौशालाओं की व्यवस्थाओं तथा संचालित योजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।

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