नयी दिल्ली , मई 30 -- सेना का 12 मित्र देशों की सैन्य टुकड़ियों के साथ मेघालय के उमरोई सैन्य स्टेशन पर आयोजित पहला बहुपक्षीय अभ्यास 'प्रगति 2026' शनिवार को संपन्न हो गया जिसमें सैन्य अनुभवों के साथ- साथ भारत ने अपने महत्वपूर्ण स्वदेशी हथियारों को भी पेश किया।
रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि अभ्यास के दौरान सशस्त्र सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, आपसी विश्वास और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन किया गया। अभ्यास के समापन कार्यक्रम में 12 मित्र देशों के छह वाइस चीफ और 40 से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
'प्रगति' का पूरा नाम 'हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और परिवर्तन के लिए क्षेत्रीय सेनाओं की साझेदारी' है और भारत, भूटान, कंबोडिया, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका, वियतनाम, इंडोनेशिया और लाओस के 400 से अधिक सैनिकों ने मिलकर समानता, मित्रता और आपसी सम्मान की भावना के साथ अभ्यास में हिस्सा लिया। इस अभ्यास ने क्षेत्रीय साझेदारों को अनुभव साझा करने, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और सैन्य-से-सैन्य सहयोग को मज़बूत करने के लिए एक साझा मंच प्रदान किया।गहन प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों ने 72 घंटे के सत्यापन अभ्यास को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
अभ्यास के अंतिम दिनों में भारत ने शुक्रवार को मित्र देशों के लिए अपनी सबसे बड़ी स्वदेशी रक्षा प्रदर्शनी का आयोजन किया जिसमें देश की उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकी से लैस हथियारों का प्रदर्शन किया गया था।
दो दिन की इस प्रदर्शनी का आयोजन भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की ) ने पूर्वी कमान मुख्यालय और सेना के 'आर्मी डिज़ाइन ब्यूरो' के सहयोग से किया था।
प्रदर्शनी में भाग लेने वाली कुल 52 कंपनियों में से से 47 निजी क्षेत्र की रक्षा कंपनी हैं जिनमें एमएसएमई और स्टार्ट-अप शामिल हैं। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र के पांच सार्वजनिक उपक्रमों ने भी हिस्सा लिया।
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