पटना , सितम्बर 25 -- िहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य में प्रखंड स्तरीय प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत राज्य के कुल 241 जर्जर या गैर मरम्मत योग्य प्रखंड कार्यालयों के स्थान पर नए प्रखंड- सह-अंचल कार्यालय भवन और 62 भवनहीन प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय-सह-आवासीय परिसर निर्माण किया जाएगा। कुल 59 अरब 94करोड़ 75 लाख 14 हजार की लागत से बनने वाले इन प्रखंड कार्यालयों, प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय -सह-आवासीय परिसरों का निर्माण वर्ष 2027 तक पूरा होगा। इससे विभागीय पदाधिकारी और कर्मचारियों के प्रखंड स्तर पर कामकाज निपटाने में जहां आसानी होगी वहीं नव निर्मित कार्यालय-सह-आवासीय परिसर में उनके रहने की सुविधा भी सुनिश्चित होगी।
नए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय निर्माण की लागत प्रति कार्यालय 16.62 करोड़ रुपये के हिसाब से निर्धारित है। जबकि कार्यालय-सह-आवासीय परिसर का निर्माण प्रति प्रखंड 30.74 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। निर्माण कार्य भवन निर्माण के हाथों होगा।
राज्य के 72 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय-सह-आवासीय भवन तो 99 प्रखंडों में प्रखंड सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र के भवन पहले से बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 62 प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय-सह-आवासीय भवन और 241 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों के बनने से क्षेत्रीय लोगों को एकीकृत सुविधा मिल सकेगी और उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए इधर-भटकने की समस्या से स्थाई छुटकारा मिलेगा। प्रखंड स्तर के ये एकीकृत भवन एक ऐसे अध्याय का प्रतीक बन सकेंगे, जिसमें आधुनिक भवन, डिजिटल प्रशासन, बेहतर विभागीय समन्वय और नागरिक-केंद्रित सेवाएं एक साथ दिखाई दे सकें। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय -सह-आवासीय भवन के लिए कुछ स्थानों पर सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण भू-अर्जन की प्रक्रिया भी चल रही है।
ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा किपूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी परिकल्पना और बिहार सरकार के दृढ़ संकल्प से प्रखंड- सह-अंचल में आधुनिक भवनों का निर्माण ग्रामीण प्रशासन के कायाकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य के 241 जर्जर प्रखंड कार्यालयों के स्थान पर अत्याधुनिक नए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालयों का निर्माण होगा जबकि 62 भवनहीन प्रखंडों में कार्यालय के साथ-साथ सभी सुविधा से युक्त आवासीय परिसर भी तैयार किए जाएंगे। इस पहल से हमारे अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य करने के लिए एक बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण मिलेगा। आवासीय परिसर बनने से अधिकारी एवं कर्मचारी क्षेत्र में रहकर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लाखों, करोड़ों लोगों की सहूलियत भी बढ़ेगी।
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