फर्रुखाबाद , मार्च 30 -- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल काम्पिल्य (कम्पिल) अब 4.70 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत महाभारत कालीन सर्किट के रूप में विकसित होकर विश्वस्तरीय पर्यटन हब बनने की ओर अग्रसर है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी देते हुए प्रथम किस्त के रूप में 1.40 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। महाभारत काल में पांचाल प्रांत की राजधानी रहा कम्पिल द्रौपदी की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है और अपनी ऐतिहासिक व धार्मिक विरासत के कारण पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान रखता है।

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा यहां आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। नई तकनीक के माध्यम से पर्यटकों को प्राचीन इतिहास और घटनाओं से रूबरू कराने के लिए इंटरैक्टिव इंटरप्रिटेशन इंस्टॉलेशन स्थापित किए जाएंगे, जिन पर करीब 2.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनके जरिए द्रौपदी जन्म, स्वयंवर, श्रीकृष्ण से उनके संबंध तथा कपिल मुनि के आश्रम से जुड़ी जानकारियां प्रस्तुत की जाएंगी।

इसके अलावा रामेश्वर नाथ मंदिर को भव्य स्वरूप देने की योजना है, जिस पर 30 लाख रुपये से अधिक खर्च होंगे। मंदिर का आकर्षक प्रवेश द्वार भी बनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान राम के अनुज शत्रुघ्न ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी।

पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 55 लाख रुपये की लागत से आधुनिक टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर भी विकसित किया जाएगा, जिसमें स्वच्छ शौचालय, पेयजल और विश्रामगृह जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिला सूचना अधिकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश को 12 प्रमुख पर्यटन सर्किटों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें महाभारत सर्किट भी शामिल है। यह पहल भगवान कृष्ण के अनुयायियों सहित देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगी।

उल्लेखनीय है कि कम्पिल जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ की जन्मस्थली भी है तथा निकटवर्ती संकिसा भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों में शामिल है। इस प्रकार यह क्षेत्र बहुआयामी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, जिसके समग्र विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।

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