जयपुर , अप्रैल 11 -- राजस्थान में कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने शनिवार को बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि, चक्रवात आदि प्राकृतिक आपदाओं से कटाई उपरांत हुई फसल क्षति के क्लेम निपटान के मामले में पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्री गोयल ने सभी बीमा कंपनियों (एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया, इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस, क्षेमा जनरल इंश्योरेंस आदि) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसानों द्वारा दर्ज किए गए पोस्ट हार्वेस्ट लॉसेस इंटीमेशन का नियत अवधि में सर्वे अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। बीमा कंपनियों द्वारा एकतरफा या बिना पर्याप्त कारण के इंटीमेशन को रिजेक्ट करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। रिजेक्ट किए गए मामलों की कारण सहित पूरी रिपोर्ट जिला स्तर पर संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) को उपलब्ध करानी होगी।
यदि कोई इंटीमेशन योजना प्रावधानों के विरुद्ध गलत तरीके से रिजेक्ट किया गया है तो उसका सर्वे कराने की जिम्मेदारी स्वयं बीमा कंपनी की होगी। उन्होंने बताया कि खेत में फसल न मिलने के आधार पर केवल सर्वे रिजेक्ट करना अनुचित है। ऐसे मामलों में हानि के परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, कृषि पर्यवेक्षक की रिपोर्ट तथा तथ्यों के आधार पर लॉस प्रतिशत का उचित आकलन किया जाए। बेनिफिट ऑफ डाउट का लाभ किसान को ही दिया जाए। समस्त सर्वे सीएलएपी ऐप के माध्यम से ही किए जाएं। ऑफलाइन सर्वे को भी अनिवार्य रूप से सीएलएपी पर अपलोड करना होगा।
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