जमुई , मार्च 12 -- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित गड़बड़ी और वास्तविक तथ्यों को छिपाने के आरोप में बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने जमुई सदर अस्पताल के तीन चिकित्सकों को निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद की गई है।
स्वास्थ्य विभाग से जारी अधिसूचना के अनुसार, चकाई थाना क्षेत्र के नेहालडीह गांव निवासी सिंधु कोड़ा उर्फ मुंशी दा की 22 फरवरी 2020 को पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। इसके बाद उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया था और न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जमुई के आदेश पर पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई थी।
वीडियोग्राफी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में पोस्टमार्टम टीम ने बाहरी व्यक्तियों को स्वतंत्र गवाह के रूप में दर्ज नहीं किया था। साथ ही मृत्यु के कारण से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं और शरीर पर मौजूद चोट के निशानों का भी स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था।
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली ने 29 अक्टूबर 2025 को आदेश जारी कर पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
आयोग के निर्देश के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने जमुई सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी उपाधीक्षक,डॉ. सैयद नौशाद अहमद, चिकित्सक पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार और चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर नागेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत निलंबित कर दिया है।
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