भोपाल , अप्रैल 27 -- मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में महिलाओं द्वारा संचालित पोषण आहार प्लांट बंद होने को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में महिला सशक्तिकरण केवल नारों तक सीमित रह गया है।

कमलनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने ट्वीट में कहा कि प्रदेश में संचालित पोषण आहार प्लांट बंद हो चुके हैं, जिन पर लगभग 300 करोड़ रुपए का कर्ज हो गया है। कर्ज नहीं चुकाए जाने के कारण निजी आपूर्तिकर्ताओं ने सामग्री की आपूर्ति भी बंद कर दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस कर्ज के भुगतान का विषय सरकार की ओर से कैबिनेट तक नहीं पहुंचाया गया, जिसके चलते हालात और बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के माध्यम से इन प्लांटों का संचालन किया जाता था, वे अब आजीविका के लिए मजदूरी करने को मजबूर हैं।

कमलनाथ ने यह भी कहा कि ऐसे समय में जब प्रदेश में कुपोषण की स्थिति राष्ट्रीय औसत से खराब बनी हुई है, पोषण आहार प्लांटों का बंद होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने वाली योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि प्रदेश के सभी बंद पड़े पोषण आहार प्लांटों को तत्काल चालू कराया जाए और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया जाए।

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