नयी दिल्ली , जुलाई 15 -- केंद्र सरकार ने गुजरात के पोरबंदर में ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर की स्थापना तथा कच्छ की खाड़ी स्थित वडीनार में अत्याधुनिक जहाज मरम्मत सुविधा केंद्र के विकास को मंजूरी प्रदान कर दी है।
केंद्रीय पत्तन, पोत और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समुद्री क्षेत्र तेजी से वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पोरबंदर में ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर और वडीनार में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के ब्राउनफील्ड विस्तार से घरेलू जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत उद्योग को नई मजबूती मिलेगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे, समुद्री विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा और भारत वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा।
मंत्रालय के अनुसार जहाज निर्माण विकास योजना के तहत 1,570 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। सरकार का कहना है कि इन दोनों परियोजनाओं से देश की जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत क्षमता बढ़ेगी, इस क्षेत्र में विदेशी निर्भरता घटेगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि समुद्री अमृत काल विजन-2047 के तहत मंजूर इन परियोजनाओं में पोरबंदर जिले के कुच्छड़ी में लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक शिपयार्ड, सहायक विनिर्माण इकाइयां, साझा अवसंरचना और कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 12 से 15 लाख टन होगी। वहीं वडीनार में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी संयुक्त रूप से 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित जहाज मरम्मत सुविधा केंद्र में 300 मीटर तक लंबे बड़े वाणिज्यिक जहाजों की मरम्मत देश में ही संभव होगी।
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