श्रीगंगानगर , सितम्बर 08 -- राजस्थान में इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव से कमजोर रहे मानसून के कारण पोंग बांध में पानी का स्तर निर्धारित क्षमता से काफी नीचे बना हुआ है।
राज्य में श्रीगंगानगर में जल संसाधन विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए गंगनहर प्रणाली के किसानों से सरसों, चना और जौ जैसी कम पानी वाली फसलें बोने की सलाह दी है। विभाग की इस सिफारिश के विरोध में किसान 10 सितंबर को नई मंडी घड़साना पहुंचने और धरना देने की तैयारी कर रहे हैं।
श्रीगंगानगर में जल संसाधन विभाग के कार्यालय अधीक्षण अभियंता संजीव वर्मा ने मंगलवार को जारी परिपत्र में कहा है कि पोंग बांध की निर्धारित भराव क्षमता 1390 फुट के मुकाबले अब तक केवल 1372 फुट पानी ही आ पाया है। मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति दिसंबर 2026 तक बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में बांध में निर्धारित स्तर तक पानी पहुंचने की संभावना बहुत कम है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि गंगनहर प्रणाली में भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पानी की आवक काफी कम रहने वाली है। बांधों के जल स्तर में कमी को देखते हुए भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पानी के सदुपयोग पर सलाह जारी की है।
अधीक्षण अभियंता वर्मा ने गंगनहर के सभी जल उपयोगकर्ता संगमों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसानों से बैठक करके उन्हें आने वाले समय की पानी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं। साथ ही उन्हें रबी सीजन में कम पानी वाली फसलें जैसे सरसों, चना और जौ बोने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग हो सके, उत्पादन बना रहे और किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो।
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