कोल्हापुर/सिंधुदुर्गनगरी , अगस्त 07 -- महाराष्ट्र राज्य आंतरिक समिति (एसआईसी) ने पॉश अधिनियम-2013 (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम) से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा न करने के लिए 294 सरकारी और 378 निजी सहित 672 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बापू शिंगारे ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए 'पॉश अधिनियम-2013' के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य के सरकारी और निजी कार्यालयों में एक निरीक्षण अभियान चल रहा है। जून 2026 से, राज्य में 3,579 सरकारी और 3,296 निजी सहित कुल 6,875 कार्यालयों का निरीक्षण किया गया है। नियमों को पूरा न करने वाले 294 सरकारी और 378 निजी सहित 672 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं।"श्री शिंगारे ने कहा कि कोल्हापुर जिले में अब तक 171 सरकारी और 117 निजी सहित कुल 288 कार्यालयों का निरीक्षण किया जा चुका है। नियमों को पूरा न करने पर तीन निजी कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए शी बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण, आंतरिक समितियों की स्थापना और पंजीकरण, समितियों तथा कर्मचारियों का प्रशिक्षण, और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना आदि अनिवार्य है। नियमों का पालन करने में विफल रहने वाले कार्यालयों पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जायेगा।
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