चंडीगढ़ , सितंबर 25 -- राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) के दिशा-निर्देशों में बदलाव, अनुमोदन प्रमाणपत्र (जीओसी) में देरी और पॉलीहाउस परियोजनाओं को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के विरोध में संरक्षित खेती से जुड़े किसानों और हितधारकों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देश के 10 राज्यों और 11 शहरों में चल रहे समन्वित विरोध अभियान का हिस्सा था।

प्रदर्शनकारियों ने 21 अगस्त 2026 को जारी एनएचबी के सर्कुलर को वापस लेने और पात्र संरक्षित खेती परियोजनाओं के लिए 50 प्रतिशत सहायता बहाल करने की मांग की। किसानों ने कहा कि नियमों में बदलाव और जीओसी प्रक्रिया में स्पष्टता की कमी से परियोजनाओं की योजना, बैंक ऋण और निवेश प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों ने पुराने नियमों के तहत जमा आवेदनों और किए गए निवेश को सुरक्षित रखने, लंबित जीओसी आवेदनों का समयबद्ध निपटारा करने तथा बैंक ऋण स्वीकृत हो चुकी या निर्माण शुरू हो चुकी परियोजनाओं के लिए लिखित सुरक्षा देने की मांग की।

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