बड़वानी , अप्रैल 9 -- मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की अंजड़ नगर परिषद में पेयजल योजना में कथित करोड़ों रुपये की अनियमितता के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) इंदौर ने बड़ा कदम उठाते हुए कई जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कार्रवाई अंजड़ नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष मंजुला पाटीदार और पुष्पा परमार, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेंद्र सिंह परमार, अमरदास सेनानी और मयाराम सोलंकी, इंजीनियर महेश पटेल तथा लेखा कर्मचारी हुकुमचंद मालवीय सहित कंपनी के प्रोपराइटर परेश सोरठिया और ठेकेदार मीनष मकवाना के खिलाफ की गई है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से टेंडर शर्तों का उल्लंघन करते हुए भुगतान किया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये की क्षति हुई। सभी के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक न्यासभंग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

बताया गया है कि वर्ष 2016 में अंजड़ नगर में घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 12.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक निजी कंपनी को कार्य सौंपा गया था, जिसे 18 माह के भीतर करीब 2700 घरों में जल वितरण कार्य पूरा करना था।

जांच में पाया गया कि परियोजना अब तक अधूरी है और ठेकेदार द्वारा कोई पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बावजूद करीब 10.20 करोड़ रुपये का भुगतान बिना दंड के कर दिया गया। दस्तावेजों की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनमें अधिकारियों के हस्ताक्षर का अभाव, मापन पुस्तिका और कैशबुक में गड़बड़ियां शामिल हैं। ईओडब्ल्यू इंदौर द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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