ईटानगर , जुलाई 17 -- अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर 10 साल पूरे होने के मौके पर श्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को "टीम अरुणाचल" के सदस्यों को राज्य के विकास में उनके सामूहिक योगदान के लिए बधाई दी।

"टीम अरुणाचल" में मंत्री, विधायक, नौकरशाह, उपायुक्त, गांव बूढ़ा (जीबी), पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) नेता और अन्य हितधारक शामिल हैं। श्री खांडू ने कहा कि सभी हितधारकों की मिली-जुली कोशिशों से अरुणाचल प्रदेश में विकास की नयी रफ़्तार आई है। उन्होंने राज्य को केंद्र से मिली मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार जताया। उन्होंने कहा, "इन 10 सालों में हमारी सामूहिक कोशिशों से अरुणाचल प्रदेश को नयी गति मिली है। अरुणाचल प्रदेश के लोगों की ओर से मैं श्री मोदी को धन्यवाद देता हूं। पिछले 12 सालों में राज्य को मिली मदद ऐतिहासिक रही है। पिछली सरकारों के उलट मोदी सरकार ने बहुत ज़्यादा सहयोग दिया है।"उत्तर-पूर्वी सीमांत एजेंसी (एनईएफए) के दौर से लेकर आज तक अरुणाचल प्रदेश के विकास के सफर को याद करते हुए श्री खांडू ने राज्य की तरक्की को आकार देने में पूर्व मुख्यमंत्रियों, राजनीतिक नेताओं और नौकरशाहों के योगदान को भी स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि पिछले दशक की उपलब्धियाँ किसी एक व्यक्ति की कोशिशों का नहीं, बल्कि टीम वर्क का नतीजा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम टीम भावना में विश्वास करते हैं, अलग-अलग काम करने में नहीं। हमारी भविष्य की यात्रा भी इसी भावना से प्रेरित होनी चाहिए।"मुख्यमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की स्थानीय संस्कृति, त्योहारों, पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और जीआई-टैग वाले उत्पादों को दिखाने वाली खास डाक टिकट सीरीज़ की शुरुआत को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने राज्य के पहले थीम-आधारित डाक टिकट जारी करने में मदद के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को धन्यवाद दिया।

श्री खांडू ने वरिष्ठ वकील टडुप टाना तारा को उनकी किताब "द फर्स्ट लाइट्स कमांड - अ डिकेड ऑफ़ रेज़िलिएंस एंड द राइज़िंग ऑफ़ अरुणाचल (2016-2026) अंडर पेमा खांडू" के विमोचन पर बधाई भी दी। सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में किए गये कई सुधारों की वजह से अरुणाचल प्रदेश देश के सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले राज्यों में से एक बन गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (डीएसडीपी) में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि राज्य का बजट 238 प्रतिशत बढ़ गया। अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर में बुनियादी ढाँचे के विकास को तेज़ी देने का श्रेय केंद्र को देते हुए श्री खांडू ने कहा कि सड़क निर्माण की सालाना रफ़्तार 2016 में लगभग 300 किलोमीटर से बढ़कर 2026 में लगभग 1,800 किलोमीटर हो गयी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच ने बेहतर सड़क संपर्क और अन्य ज़रूरी बुनियादी ढाँचे के ज़रिए सीमावर्ती इलाकों के विकास को काफ़ी मज़बूत किया है।

सामाजिक विकास के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री खांडू ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेंगी। उन्होंने रोजगार सृजन की अपार संभावनाओं वाले प्रमुख क्षेत्रों के रूप में सड़कों, कृषि और बागवानी, पर्यटन, जलविद्युत और खनन की भी पहचान की और आश्वासन दिया कि इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाता रहेगा।

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