मुंबई , जुलाई 26 -- नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हुए देशव्यापी उग्र विरोध प्रदर्शनों के बीच 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पूर्व मंत्री के समर्थन में खुलकर सामने आये हैं। उन्होंने श्री प्रधान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पूरा भाजपा परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने श्री फडणवीस पर चरम राजनीतिक हठधर्मिता और प्रदर्शनकारी युवाओं के प्रति घोर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया है।
युवाओं के भारी विरोध प्रदर्शन के दबाव में श्री प्रधान के मंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद श्री फडणवीस ने 'एक्स' पर पोस्ट कर श्री प्रधान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि श्री प्रधान ने व्यक्तिगत ख्याति से ऊपर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) जैसे प्रमुख सुधारों को लागू किया और प्रवेश परीक्षाओं को 19 भाषाओं में विस्तारित किया। श्री फडणवीस ने जोर देकर कहा कि भाजपा उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
श्री फडणवीस के इस समर्थन से आक्रोशित श्री रोहित पवार ने सवाल उठाया कि 'शिक्षा व्यवस्था बर्बाद करने वाले' मंत्री की तारीफ करने का मतलब क्या यह है कि इस्तीफा विफलता की स्वीकारोक्ति न होकर कोई उपकार था।
श्री पवार ने सत्ताधारी नेतृत्व की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज, पेलेट गन की चोटों और कई दिनों की भूख हड़ताल का सामना करने वाले छात्रों, महिलाओं और युवाओं के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखायी गयी, जबकि इस्तीफा देने वाले मंत्री के प्रति तुरंत हमदर्दी जतायी जा रही है।
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