भोपाल , जुलाई 21 -- मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने दिल्ली में संसद घेराव कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। सरकार पेपर लीक पर जवाब देने के बजाए युवाओं की आवाज दबा रही है।
श्री सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में अभी तक 113 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। दो साल पहले हुई पेपर लीक की जांच की रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि कल दिल्ली में देश के भविष्य हमारे युवा साथियों पर पुलिस द्वारा किया गया बर्बर लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि नीट और अन्य परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ जब देश का युवा संसद के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तो सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठी चार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, इसलिए इस्तीफा लेने के बजाय उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तानाशाही और लाठी के दम पर युवाओं के आक्रोश और उनके हक की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है बल्कि यह आवाज और तेज होगी।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश सहित पूरे देश का युवा आज इस परीक्षा घोटाले से बुरी तरह पीड़ित है। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी देश और प्रदेश के युवाओं के इस संघर्ष में पूरी मजबूती से उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए और पेपर लीक माफियाओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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