जयपुर , मई 12 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा- यूजी (नीट-यूजी) को रद्द करने को बहुत दुखद बताते हुए मांग किया है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान को देश को बताया जाना चाहिए पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है है इस मामले की जांच कर रही केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचे।

श्री गहलोत ने नीट यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्री प्रधान को चाहिए कि वह ध्यान दें इस मामले पर और उनको चाहिए विशेष रूप से वह मंत्रालय के मंत्री हैं कि पेपर आउट क्यों हो रहे हैं। यह देश को बताया जाना चाहिए।

श्री गहलोत ने कहा कि उन्होंने कल ही मीडिया को भी कहा था कि यह समझ के परे है कि जब तीन तारीख को एग्जाम हुआ था और छात्रों ने, अभ्यर्थियों ने, तीन और चार तारीख को ही पुलिस को रिपोर्ट कर दी तो पुलिस ने कोई परवाह नहीं की। फिर उन छात्रों ने एनटीए को लिखा। एनटीए को लिखा तब जाकर उन्होंने पुलिस को इत्तला की कि यह शिकायत राजस्थान से आ रही है। तब मामला एसओजी को दिया गया।

उन्होंने कहा कि यह समझ के परे है कि क्या कारण था कि एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। अब सवाल यह कि 2024 में पेपर आउट हुआ, 2025 में हुआ और 2026 में हो रहा है। तीन साल लगातार पेपर आउट हो रहे हैं। जब तक आप तह में नहीं जाएंगे तो यह आगे भी ऐसी स्थिति बनती जाएगी।

उन्होंने पेपर लीक को बहुत बड़ी एक समस्या एवं चुनौती बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार को चाहिए, उन्होंने पहले ही अपील की थी, इस समस्या के समाधान के लिए यह जो राष्ट्रीय स्तर पर जो पेपर लीक का गिरोह बना हुआ है, इसका पता लगाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बहुत ही दुखद घटना है ये जिसमें एनटीए को यह पेपर रद्द करना पड़ा, उम्मीद है कि अब भी समय है तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचे सीबीआई भी और पता लगाएं जहां-जहां पेपर आउट हुआ।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को पेपर लीक कि इन बातों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए लेकिन केन्द्र सरकार तो क्या है चुनाव जीतने का उनका एजेंडा है खाली बस। चुनाव जीते कैसे। चुनाव जीतना महत्वपूर्ण हो सकता है पर साथ में जो ये घटनाएं हो रही हैं, उनको रोकना भी बहुत आवश्यक होता है।

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