कोलकाता , अक्टूबर 11 -- कोलकाता के त्रिधारा सम्मिलानी पूजा पंडाल में लिंक लिमिटेड के ब्रांड पेंटोनिक द्वारा लगभग 13,000 प्लास्टिक पेन और 13,000 रिफिलों से मां दुर्गा की एक अनोखी और भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
उल्लेखनीय है कि ये पेन और रिफिल रीसायकल किए गए प्लास्टिक की सामग्री से बने हैं। लगभग 5.5 फीट ऊंची, 4.5 फीट चौड़ी और तीन फीट गहरी इस बड़ी कलाकृति की कल्पना और निर्माण मशहूर कलाकार चंद्र नाथ साहा (तिलक) ने किया है। यह काम रोज़मर्रा के लिखने के साधन को बंगाल के सबसे मशहूर त्योहार की दृश्य भाषा से जोड़ता है। हज़ारों अलग-अलग रीसायकल किए गए पेन मिलकर मां दुर्गा की एक मूर्ति बनाते हैं, जिससे एक जानी-पहचानी चीज़ और एक स्थायी सांस्कृतिक प्रतीक के बीच एक दिलचस्प मेल दिखता है।
यह कलाकृति त्रिधारा सम्मिलनी की मुख्य दुर्गा पूजा प्रतिमा के बगल में रखा गया एक खास कलाकर्म है और यह पारंपरिक प्रतिमा की जगह नहीं लेता है। मुख्य प्रतिमा का पारंपरिक विसर्जन अनुष्ठान जारी रहेगा, जबकि पेंटोनिक की बनाई प्रतिमा विसर्जन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होगी। पूजा खत्म होने पर पेन की कलाकृति को अलग-अलग करके हटा दिया जाएगा और इसके सामान को रीसायकल करके नये पेन बनाए जाएंगे। यह तरीका साफ तौर पर दिखाता है कि रीसायकल किए गए प्लास्टिक से बना उत्पाद एक बार इस्तेमाल या किसी खास मौके के बाद भी आगे इस्तेमाल हो सकता है।
पेंटोनिक के लिए यह परियोजना इस सोच पर आधारित है कि डिज़ाइन सिर्फ़ दिखावे या काम तक सीमित नहीं है। यह लोगों की अपने आस-पास की चीज़ों के बारे में सोच को भी प्रभावित कर सकता है। हज़ारों पेन को एक कलाकर्म में बदलकर यह कलाकृति उस सोच को कोलकाता की सबसे अहम सार्वजनिक और सांस्कृतिक जगहों में से एक में पेश करती है।
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