भिण्ड , अगस्त 23 -- मध्यप्रदेश में भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में पेट दर्द का इलाज कराने गए 22 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने विधि क्लीनिक के संचालक पुष्पेंद्र सिंह राजावत पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया है।

मेहदा गांव निवासी 22 वर्षीय विश्वास सिंह राजावत प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वह 16 अगस्त को रेलवे की परीक्षा देने राजस्थान के जयपुर गया था और 18 अगस्त को गांव लौटा था। 21 अगस्त को पेट में हल्का दर्द होने पर वह रौन स्थित विधि क्लीनिक पहुंचा। परिजनों के अनुसार क्लीनिक संचालक ने उसे दवा दी। आराम नहीं मिलने पर वह दोबारा क्लीनिक पहुंचा, जहां उसे ड्रिप और इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद उसे पतले दस्त होने लगे।

परिजनों का कहना है कि विश्वास की बिगड़ती हालत की जानकारी क्लीनिक संचालक को देने के बावजूद उसे घर ले जाने की सलाह दी गई और दवाएं दी गईं। घर पहुंचने के बाद उसके शरीर पर लाल निशान उभर आए। इसके बाद परिजन उसे फिर क्लीनिक लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देखकर संचालक ने उसे भिण्ड ले जाने की सलाह दी। भिण्ड ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद शव रौन लाया गया, जहां पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया। शिकायत मिलने पर पुलिस की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विधि क्लीनिक को सील कर दिया। पुलिस ने क्लीनिक संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल युवक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी और रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्लीनिक संचालक के फरार होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि संचालक बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के लोगों का इलाज कर रहा था।

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