नयी दिल्ली , जून 11 -- सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 लागू करते हुए एक आदेश जारी कर इनकी बिक्री के संबंध में नियम तय कर दिये हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गुरुवार देर रात जारी अधिसूचना में बताया गया है कि वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति और औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा संस्थागत उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा बिक्री केंद्रों के माध्यम से खरीद कर अनुचित लाभ उठाने की घटनाओं के देखते हुए "जनहित में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति, वितरण और बिक्री को उचित कीमतों पर विनियमित करना" आवश्यक है।
तत्काल प्रभाव से लागू इस आदेश में कहा गया है कि संस्थागत और प्रत्यक्ष अथवा औद्योगिक तथा व्यावसायिक ग्राहक खुदरा बिक्री केंद्र से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीदेंगे या नहीं मंगवायेंगे। वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति केवल अपने उपभोक्ता पंप से ही करेंगे।
खुदरा बिक्री केंद्रों को आदेश दिया गया है कि वे डीजल की बिक्री केवल वाहनों के टैंक अथवा पेसो (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से अनुमोदित कंटेनर में ही करेंगे और एक दिन में एक ग्राहक/वाहन को 200 लीटर से ज्यादा डीजल की बिक्री नहीं करेंगे। ऐसे ग्राहकों के लिए भी डीजल की पुनः बिक्री की मनाही होगी।
इन प्रतिबंधों का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी तेल विपणन कंपनियों तथा खुदरा विक्रय केंद्र डीलरों की होगी।
यह आदेश 90 दिन तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा। आदेश को लागू कराने के लिए केंद्र या राज्य सरकार किसी राजपत्रित अधिकारी या कम से कम पुलिस उपाधीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी को तलाशी और अधिग्रहण की शक्ति दे सकती है। तेल कंपनी का सेल ऑफिसर या उससे ऊपर के रैंक का अधिकारी भी यह काम कर सकता है।
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