चंडीगढ़ , मई 25 -- पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने और तेल कंपनियों के भारी मुनाफे के बावजूद मोदी सरकार आम लोगों की जेब काट रही है।
श्री वड़िंग ने कहा कि हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यह बढ़ोतरी "चुपके-चुपके" किस्तों में कर रही है। सिर्फ 10 दिनों के भीतर चौथी बार ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं, जो "शासन नहीं बल्कि जनता पर थोपी गई व्यवस्थित महंगाई" है। उन्होंने सवाल किया कि जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और तेल कंपनियां पहले ही भारी मुनाफा कमा रही हैं, तो फिर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के बजाय केंद्र सरकार बार-बार कीमतें बढ़ाकर उनसे धन वसूल रही है।
उन्होंने कहा कि दो सप्ताह से भी कम समय में पेट्रोल 7.5 रुपये प्रति लीटर से अधिक महंगा हो चुका है, जबकि डीजल की कीमतों में भी इसी तरह बढ़ोतरी हुई है। ऐसे हालात में मध्यम वर्ग, किसान, ट्रांसपोर्टर, छोटे व्यापारी, दिहाड़ी मजदूर और युवाओं के लिए आर्थिक बोझ झेलना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर से पार पहुंच चुकी है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। कई महानगरों में दरें इससे भी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि ताजा बढ़ोतरी में ही पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है।
श्री वड़िंग ने कहा कि ईंधन की कीमतों में हर बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन, सब्जियों, दूध, किराना और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ईंधन संकट नहीं बल्कि हर घर को प्रभावित करने वाला महंगाई संकट है।उन्होंने कहा कि जब पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं तो हर परिवार का बजट बिगड़ जाता है। किसान की खेती और परिवहन लागत बढ़ती है, मजदूर का सफर महंगा हो जाता है और आम परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों पर अधिक खर्च करना पड़ता है।
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