देहरादून , अप्रैल 04 -- उत्तराखंड समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। देहरादून जिला के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने इस संबंध में शनिवार को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिले में सभी पेंशन लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन कर अपात्र एवं मृत पेंशनरों को सूची से हटाया जाए।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन तथा शून्य से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के लिए पेंशन योजनाओं के अंतर्गत, लाभान्वित सभी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे और किसी भी अपात्र को भुगतान न हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने सत्यापन कार्य के लिए शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पटवारी, लेखपाल तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के माध्यम से सत्यापन कार्य पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनर मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि तथा अपात्र पाए जाने पर उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।
श्री शाह के अनुसार, हमें समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग पेंशन के 1,121 तथा किसान पेंशन के 672 लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार, महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत विधवा पेंशन के 32,011 तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि पेंशनरों की ग्रामवार एवं वार्डवार सूची विभागीय वेबसाइट एसएसपीडॉटयूकेडॉटजीओवीडॉटइन पर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही आवश्यक जानकारी के लिए विभाग के नामित कम्प्यूटर ऑपरेटर के मोबाइल नंबर 7906905177 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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