चंडीगढ़ , मई 19 -- हरियाणा सरकार ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी सरकारी कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन और पेंशन मामलों के समय पर निपटान के लिए अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (एलपीसी) के प्रारूप में संशोधन किया है। अब विभागों को एलपीसी केवल संशोधित प्रारूपमें ही जारी करने होंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और अन्य अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किये हैं।
निर्देशों के अनुसार, आईएएस और एचसीएस अधिकारियों के तबादले या सेवानिवृत्ति के समय सेवा सत्यापन, अवकाश वेतन और पेंशन अंशदान चालान से जुड़े दस्तावेज अक्सर समय पर उपलब्ध नहीं कराये जाते। इससे पेंशन मामलों के निपटान में अनावश्यक देरी होती है।
इसे देखते हुए वित्त विभाग ने एक अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी कर पंजाब कोषागार नियम, खंड-2 के तहत निर्धारित एलपीसी प्रारूप में संशोधन किया है। संशोधित व्यवस्था के तहत अब हर विभाग के लिए स्थानांतरण या कार्यभारमुक्ति के समय अधिकारी की सेवा को प्रमाणित करना अनिवार्य होगा। इससे सेवा रिकॉर्ड का निरंतर और समन्वित रखरखाव सुनिश्चित होगा।
नये निर्देशों में कहा गया है कि एलपीसी में सीरियल नंबर-10 पर सेवा सत्यापन का विवरण सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणित होना चाहिए। आईएएस और एचसीएस अधिकारियों से संबंधित हर एलपीसी की एक प्रति मुख्य सचिव कार्यालय की सेवा शाखा-4 को भी भेजी जाएगी। इससे सेवा रिकॉर्ड का रखरखाव और पेंशन मामलों का समय पर निपटान हो सकेगा।
बोर्डों और निगमों को भी निर्देश दिये गये हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत आईएएस और एचसीएस अधिकारियों के अवकाश वेतन और पेंशन अंशदान से जुड़े चालान मुख्य सचिव कार्यालय को उपलब्ध करायें।
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