समस्तीपुर , अक्टूबर 25 -- बिहार के समस्तीपुर जिले के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में 3 से 5 दिसंबर तक राज्यस्तरीय किसान मेले का आयोजन किया जाएगा।
मेले में कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, जैविक खेती, डिजिटल कृषि, पशुपालन और कृषि स्टार्टअप से जुड़ी आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए करीब 200 स्टॉल लगाए जाएंगे। इस बार मेले में एग्री टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर रहेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय ने शनिवार को यहां बताया कि किसान मेले की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन को सफल बनाने और व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए 20 से अधिक समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन है, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों से भी हजारों किसान भाग लेने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और मेले के सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं।
डॉ. पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष मेले में एग्री टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष व्यवस्था की जाएगी। शहरों से आने वाले लोगों और बच्चों को खेती-किसानी तथा ग्रामीण जीवन से परिचित कराने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में बैलगाड़ी से भ्रमण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से उन्हें पारंपरिक खेती, कृषि गतिविधियों और ग्रामीण परिवेश को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मेले में लगाए जाने वाले करीब 200 स्टॉलों पर कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, जैविक खेती, डिजिटल कृषि तकनीक, पशुपालन और कृषि स्टार्टअप से संबंधित उत्पादों एवं तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके जरिए किसानों को नवीन कृषि अनुसंधान, आधुनिक खेती की पद्धतियों और उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपायों की जानकारी मिलेगी।
कुलपति ने बताया कि इस राज्यस्तरीय आयोजन में केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया गया है। मेले के दौरान किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीन प्रयोगों और तकनीकी विकास से अवगत कराने के साथ ही विशेषज्ञों से संवाद का अवसर भी मिलेगा।
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