बेगूसराय , अगस्त 01 -- बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को अवैध हथियार रखने के मामले में बेगूसराय की एक विशेष अदालत ने शनिवार को सात-सात वर्ष के कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश (एडीजे-2) ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने यह सजा सुनाई है।सजा सुनाए जाने के बाद अदालत में मौजूद मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह मामला चेरियाबरियारपुर थाना कांड संख्या-143/18 वर्ष 2018 में दर्ज किया गया था। मामले में पूर्व मंत्री और उनके पति के आवास से 50 अवैध कारतूस बरामद किए गए थे। इस मामले के सूचक केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के तत्कालीन डीएसपी उमेश कुमार सिंह थे।
लोक अभियोजक संतोष कुमार ने बताया कि मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मामले के अनुसंधानकर्ता रंजीत कुमार रजक थे। करीब आठ वर्ष तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कारावास तथा 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।अर्थदंड नहीं देने पर दोनों को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
उल्लेखनीय है कि घटना के समय मंजू वर्मा बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री थीं। उनके पुत्र वर्तमान में चेरियाबरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड(जदयू) के विधायक हैं।
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