चंडीगढ़ , अक्तूबर 25 -- पंजाब में नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ चल रही सरकारी मुहिम के दौरान मानसा ज़िले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। राज्य की एक महिला खिलाड़ी, जो कभी मैदानों में पंजाब का गौरव थी, नशे की गिरफ्त में आकर अपने ही जिगर के टुकड़े (बेटे) को मात्र एक लाख 80 हज़ार रुपये में बेच दिया।
पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने शनिवार को इस घटना पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए कहा कि जब एक मां, जो कभी राज्य की शान रही हो, नशे की लत के कारण अपने पुत्र को बेचने पर मजबूर हो जाए, तो यह सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ सरकार की मुहिम सिर्फ़ कागज़ों और फ़ोटो खिंचवाने तक सीमित रह गयी है।
श्री शर्मा ने बताया कि यह महिला खिलाड़ी नशे की आदी हो चुकी थी और आर्थिक तंगी के कारण उसने यह भयावह कदम उठाया। ढाई महीने बाद जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उसके मातृत्व के जज़्बात जाग उठे और उसने अपने बेटे को वापस लेने के लिए बरेटा थाने में अर्जी दी, जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ।
श्री शर्मा ने कहा कि नशीले पदार्थों का व्यापार अब हर गांव और शहर तक पहुंच चुका है, लेकिन सरकार की नीति केवल विज्ञापनों और झूठे दावों में उलझी हुई है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल बयानबाज़ी न करे, बल्कि नशे के आदी लोगों के लिए पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाये और खिलाड़ियों के लिए विशेष पुनर्जीवन योजनायें लागू करे। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ी ही नष्ट होने लगें, तो राज्य का भविष्य ख़तरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या अब हर घर की बन गयी है, और सरकार को इस पर सख़्त और ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।
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