चेन्नई , मई 18 -- तमिलनाडु के पूर्व मंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता पलानिवेल त्यागराजन (पीटीआर) ने अपने गृह क्षेत्र मदुरै में चुनावी हार के बाद राजनीति से कुछ समय के लिए अवकाश लेने की घोषणा की है, ताकि वह तरोताजा होकर दोबारा सक्रिय राजनीति में लौट सकें।
उन्होंने अपने 'एक्स' हैंडल पर जारी चार पृष्ठों के बयान में कहा, "10 वर्षों तक विधायक रहने के बाद अब मैं कुछ सप्ताह का अवकाश लेना चाहता हूं, ताकि एक निजी नागरिक के रूप में अपने समय और कार्यक्रम पर पूरी तरह नियंत्रण रखते हुए जीवन जी सकूं।"उन्होंने कहा कि वह इस दौरान देश और विदेश में व्याख्यान देंगे। साथ ही वह एक पुस्तक को पूरा करेंगे, जिसका प्रकाशन उन्होंने पहले एक प्रकाशक से तय किया था लेकिन जो निर्धारित समय से पीछे चल रही है।
पारिवारिक राजनीतिक विरासत रखने वाले श्री त्यागराजन लोकप्रिय रूप से पीटीआर के नाम से पहचाने जाते हैं। वह द्रमुक में आधुनिकता और निरंतरता का चेहरा माने जाते हैं। श्री त्यागराजन एमके स्टालिन मंत्रिमंडल में वित्त और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री स्टालिन सहित कई मंत्रियों की तरह पीटीआर को भी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के एक नये उम्मीदवार ने मदुरै सेंट्रल सीट पर पराजित कर दिया, जहां से वह दो बार विधायक चुने गए थे।
द्रमुक सूत्रों के अनुसार पीटीआर पार्टी में अलग पहचान रखने वाले नेता माने जाते हैं। वित्त मंत्री के रूप में उनकी जानकारी और व्यापक अनुभव के बावजूद उनके कई मंत्रियों के साथ संबंध सहज नहीं रहे, जिसके चलते मुख्यमंत्री स्टालिन ने उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में स्थानांतरित कर दिया था। उस समय राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि "वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने एक कुशल लेखाकार की तरह काम किया और व्यवस्था की खामियों को दूर कर राजस्व रिसाव रोकने का प्रयास किया।"उनके दादा पीटी त्यागराजन जस्टिस पार्टी के नेता थे, जिसे द्रमुक का पूर्ववर्ती माना जाता है। वह संक्षिप्त अवधि के लिए मद्रास प्रेसीडेंसी के मुख्यमंत्री भी रहे। दूसरी ओर, उनके पिता पलानीवेल त्यागराजन करुणानिधि मंत्रिमंडल में मंत्री थे। द्रमुक जहां तर्कवाद की राजनीति करती है, वहीं धार्मिक आस्था रखने वाले पीटीआर परिवार के लिए पार्टी ने इस सिद्धांत में अपवाद रखा है।
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