कोलकाता , जुलाई 11 -- पश्चिम बंगाल में आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म तथा हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से पूछताछ के बाद और हाल ही में लॉटरी से जुड़े मामले में नाम आने के बाद से लोगों की नजर से दूर रहे तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष शनिवार को श्री ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी तृणमूल कांग्रेस गुट की बैठक में अचानक पहुंचे।

ऋतब्रत खेमे ने हालांकि घोष से दूरी बना ली और कहा कि उन्हें शामिल करने के बारे में कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है।

ऋतब्रत खेमे ने अपनी राज्य स्तरीय लीडरशिप की घोषणा के एक दिन बाद आज अपनी जिला कमेटियों को अंतिम रूप देने के लिए एक संगठनात्मक बैठक की। इस मौके पर घोष की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा क्योंकि पिछले कुछ महीनों से वे ज़्यादा चर्चा में नहीं रहे हैं।

बैठक स्थल में जाने से पहले पत्रकारों से संक्षेप में बात करते हुए घोष ने कहा, "हमारा दिल और आत्मा ममता बनर्जी के साथ है। आगे क्या होता है।"इतना कहकर वह अपनी बात अधूरी छोड़ते हुए चले गये।

घोष की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर श्री ऋतब्रत ने कहा कि पूर्व विधायक के बारे में कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, "भले ही वे आये, लेकिन उनसे कोई बातचीत नहीं हुई।"एंटाली के विधायक एवं श्री ऋतब्रत के करीबी सहयोगी संदीपन साहा ने कहा कि घोष को बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, "वह खुद आये और बैठक के आखिर में अंदर आये। उन्होंने अरूप रॉय, बिप्लब मित्रा या ऋतब्रत से बात नहीं की। हम संगठन में अवांछित तत्वों को आने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सुरक्षा उपाय कर रहे हैं।"एक अन्य नेता अखरुज्जमां ने कहा कि वह घोष को वहां देखकर हैरान थे क्योंकि उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था।

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