सहारनपुर , अक्टूबर 31 -- उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक नेताओं का अपनी सुविधा के अनुसार ठिकाना बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में पिछड़ा वर्ग के प्रमुख नेता, पूर्व कबीना मंत्री साहब सिंह सैनी करीब तीन साल भाजपा में रहने के बाद वापस समाजवादी पार्टी में लौट रहे हैं।
उन्होंने आज संवाददाताओं को बताया कि उनकी सपा प्रमुख, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ विशेष बैठक हुई है जिसमें अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी में सम्मानपूर्वक वापस लेने पर सहमति जताई है।
श्री सैनी ने कहा कि वह सहारनपुर की नकुड़ विधानसभा सीट से सपा-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार हो सकते हैं। वह इस सीट से जब इसका नाम सरसावा विधानसभा था, से 1996 में पहली बार कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े थे और तब भाजपा उम्मीदवार निर्भयपाल शर्मा से मात्र 90 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। इसी सीट पर अब वे फिर से 2027 में मैदान में हो सकते हैं।
साहब सिंह सैनी जुलाई-2023 में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे लेकिन तीन सालों के दौरान उन्हें यहां कोई तवज्जों नहीं मिली। नकुड़ सीट से पिछला चुनाव यानि 2022 में भाजपा छोड़कर सपा के टिकट पर चार बार के विधायक पूर्व मंत्री डा. धर्मसिंह सैनी लड़े थे लेकिन वह करीब 300 वोटों के अंतर से भाजपा के नए उम्मीदवार और कभी इमरान मसूद के करीबी साथी रहे मुकेश चौधरी से हार गए थे।
पिछले महीने अखिलेश यादव ने सहारनपुर आगमन पर डा. धर्मसिंह सैनी की तारीफ की थी और यह संभावना भी जताई थी कि वे फिर से सपा में आ सकते हैं। डा. धर्मसिंह सैनी को दो दिन पहले ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य मनोनीत कर दिया। अब डा. सैनी का प्रयास भाजपा में रहकर ही नकुड़ सीट से उम्मीदवार बनने का रहेगा। इस स्थिति को अपने अनुकूल मानते हुए साहब सिंह सैनी जो अखिलेश यादव सरकार में काबिना दर्जे के मंत्री रहे हैं सपा में वापस लौट रहे हैं।
साहब सिंह सैनी ने पूर्व में विधानसभा के दो चुनाव वर्ष 1998 में जनता दल के टिकट पर रूढ़की से और वर्ष 2002 में लालढांग हरिद्वार से कांग्रेस टिकट पर लड़ चुके हैं। वर्ष 2014 में अखिलेश यादव ने पहले दर्जा प्राप्त मंत्री फिर एमएलसी और फिर काबिना मंत्री नियुक्त किया था। 72 वर्षीय साहब सिंह सैनी ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत सहारनपुर के दिग्गज गुर्जर नेता चौधरी यशपाल सिंह के मंत्री रहने के दौरान उनके पीआरओ के रूप में की थी।
श्री सैनी एक पखवाड़े के दौरान भाजपा छोड़कर सपा में जाने वाले दूसरे सैनी बिरादरी के बड़े नेता हैं। इससे पूर्व इसी मंडल मुजफ्फरनगर के पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद राजपाल सैनी सपा में शामिल हो गए थे।
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