भुवनेश्वर , जून 25 -- पूर्व आईएएस अधिकारी सुजाता कार्तिकेयन गुरुवार को बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की उपस्थिति में औपचारिक रूप से उनकी पार्टी में शामिल हो गईं।

पूर्व नौकरशाह से नेता बने और श्री पटनायक के करीबी सहयोगी श्री वी के पांडियन की पत्नी श्रीमती सुजाता को भुवनेश्वर में बीजद के मुख्यालय, शंख भवन में आयोजित एक समारोह में पार्टी में शामिल किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायक शामिल हुए।

श्री पटनायक ने कार्यक्रम के दौरान आधिकारिक तौर पर श्रीमती सुजाता का पार्टी में स्वागत किया। बीजद की महिला विंग की अध्यक्ष स्नेहांगिनी छुरिया और ओडिशा विधानसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक भी सुजाता के साथ मंच पर मौजूद थीं।

वर्ष 2000 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं श्रीमती कार्तिकेयन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक पूरा किया और बाद में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में स्नातकोत्तर (मास्टर्स) की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत ओडिशा के माओवाद प्रभावित सुंदरगढ़ जिले से की थी और बाद में वे कटक जिले की पहली महिला कलेक्टर बनीं।

श्रीमती सुजाता ने 'मिशन शक्ति' को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ओडिशा में महिला सशक्तिकरण की पहलों में उल्लेखनीय योगदान देने का श्रेय उन्हें जाता है। उनके नेतृत्व में राज्यभर में 60 लाख से अधिक महिलाएं महिला स्वयं सहायता समूह तंत्र में शामिल हुईं। उन्होंने साल 2025 में आईएएस से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। इससे पहले, उनके पति श्री पांडियन ने भी बीजद में शामिल होने से पहले वर्ष 2023 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना था।

वर्ष 2024 के ओडिशा विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बीजद को लगे झटके के बाद श्री पांडियन ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। श्रीमती सुजाता की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद से ही उनके राजनीति में प्रवेश करने और अपने पति की राजनीतिक यात्रा की तरह बीजद से संभावित जुड़ाव को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज थीं।

श्री पटनायक द्वारा बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ श्रीमती सुजाता के पार्टी में शामिल होने को लेकर चर्चा किए जाने की खबरों के बाद उनका पार्टी में आना तय माना जा रहा था। उनके बीजद से जुड़ने के बाद अब सबका ध्यान इस बात पर टिक गया है कि उन्हें पार्टी में क्या जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। खासतौर से तब, जबकि बीजद ओडिशा में जल्द होने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनावों की तैयारी कर रहा है।

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