नयी दिल्ली , जनवरी 16 -- भारतीय रेल नयी शुरू की जा रही अमृत भारत एक्सप्रेस रेल गाड़ियों में से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी- तमिलनाडु के नागरकोइल के बीच चलने वाली एक ट्रेन पूर्वोत्तर में हिमालय की तलहटी से देश के दक्षिणी सिरे को जोड़ेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले दो दिन में पश्चिम बंगाल और असम में अपने कार्यक्रमों के दौरान इन दोनों राज्यों को देश के अन्य भागों को जोड़ने वाली सात अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और दो वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे।
भारतीय रेल को विश्वास है कि यह ट्रेन पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार और भूटान और बंगलादेश की सीमा के सीमावर्ती क्षेत्रों से कन्याकुमारी के बीच रेल यात्रा सुविधाओं को बढ़ायेगी। यह मार्ग रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीमा से सटे क्षेत्रों, प्रमुख बंदरगाहों, औद्योगिक क्षेत्रों और घनी आबादी वाले भीतरी इलाकों को जोड़ता है।
भारतीय रेल ने शुक्रवार को बताया कि न्यू जलपाईगुड़ी- नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन साप्ताहिक आधार पर चलेगी। यह न्यू जलपाईगुड़ी से प्रत्येक बुधवार शाम 4:45 बजे (बुधवार) रवाना होगी और रात 11:00 बजे शुक्रवार को नागरकोइल पहुंचेगी। नागरकोइल- न्यू जलपाईगुड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन नागरकोइल से रात 11:00 बजे (रविवार) रवाना होगी और न्यू जलपाईगुड़ी सुबह 5:00 बजे (बुधवार) पहुंचेगी।
इस सेवा से पश्चिम बंगाल में जलपाईगुड़ी, मालदा, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली और बीरभूम, बिहार में किशनगंज और कटिहार, ओडिशा में गंजाम, खोरधा, कटक, जाजपुर और भद्रक, आंध्र प्रदेश में एसपीएसआर नेल्लोर, प्रकाशम, पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम और चित्तूर, और तमिलनाडु में कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, विरुधुनगर, मदुरै, डिंडीगुल, तिरुपुर, कोयंबटूर, इरोड, सेलम और वेल्लोर जिलों के लोगों को फायदा होगा।
इसके मार्ग में न्यू जलपाईगुड़ी के पास सुंदर दार्जिलिंग-दुआर्स क्षेत्र, विशाखापत्तनम के विस्तृत समुद्र तट, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर और तमिलनाडु का रमणीय नीलगिरी पर्वतीय क्षेत्र भी पड़ता है। बेहतर रेल सेवाओं से क्षेत्रीय विकास को मदद मिलने के साथ-साथ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
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