रांची , जुलाई 02 -- झारखंड सरकार ने पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया से हुई मौतों और लगातार बढ़ते संक्रमण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए राज्यभर में मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं, वहां युद्धस्तर पर कार्ययोजना बनाकर निगरानी बढ़ाई जाए और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
निर्देश के अनुसार, जिन इलाकों में बुखार के मरीज अधिक मिल रहे हैं, वहां बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एमपीडब्ल्यू) और सहियाओं के माध्यम से सक्रिय सर्वेक्षण कराया जाएगा। मलेरिया की आशंका वाले प्रत्येक मरीज की तत्काल जांच की जाएगी और पॉजिटिव पाए जाने पर बिना विलंब मलेरिया रोधी दवाओं से उपचार शुरू किया जाएगा।
विभाग ने गंभीर मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। सभी रोगियों के उपचार और फॉलो-अप की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, किसी भी क्षेत्र में मलेरिया का एक नया मामला मिलने पर पूरे इलाके में अनिवार्य रूप से मास सर्वे अथवा फीवर सर्वे चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्येक गांव का ग्राम स्तर पर मलेरिया डाटा तैयार किया जाएगा। अधिक प्रभावित गांवों की सहियाओं को रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सभी उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में जांच सामग्री और मलेरिया रोधी दवाओं का भंडारण उपलब्ध रहे। प्रभावित क्षेत्रों में वेक्टर नियंत्रण के तहत कीटनाशी दवाओं का छिड़काव और लार्वा नियंत्रण गतिविधियों में भी तेजी लाई जाएगी।
होगी त्रिस्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्थामलेरिया से बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग समय पर जांच कराएं और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी के लिए विभाग ने त्रिस्तरीय समीक्षा व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक करेंगे और रिपोर्ट जिला वेक्टर जनित रोग (वीबीडी) कार्यालय को भेजेंगे। सिविल सर्जन प्रत्येक 15 दिन पर समीक्षा बैठक कर उसकी रिपोर्ट राज्य वीबीडी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। वहीं, प्रत्येक माह उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित होगी, जिसमें मलेरिया नियंत्रण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव श्री सिंह ने सभी उपायुक्तों से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रमों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण पर शीघ्र नियंत्रण स्थापित किया जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
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