मोतिहारी , अप्रैल 10 -- भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से संचालित "ज्ञान भारतम् मिशन" के तहत पूर्वी चम्पारण जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण का अभियान तेज हो गया है।
जिला प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल को सफल बनाने के लिए आम लोगों से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की है।
इस अभियान के दौरान जिला प्रशासन की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि जिले के ग्रामवासी, विद्वान, मठ-मंदिरों के प्रतिनिधि, शैक्षणिक संस्थान तथा आम नागरिक यदि उनके पास कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़े या धातु पर लिखी कोई भी प्राचीन पांडुलिपि या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हो, तो वह इसकी जानकारी प्रशासन को दें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मिशन का उद्देश्य केवल पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, सूचीकरण (कैटलॉगिंग) एवं डिजिटलीकरण करना है। किसी भी पांडुलिपि को उसके स्वामी से लिया नहीं जाएगा, बल्कि वह उनके पास सुरक्षित रहेगी। सर्वेक्षण दल संबंधित व्यक्तियों की अनुमति से उनके स्थान पर पहुंचकर पूरी सावधानी और सम्मान के साथ कार्य करेगा।
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