मोतिहारी , मई 19 -- िहार सरकार की अनूठी पहल पर राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत पूर्वी चंपारण के कुल 27 प्रखंडों के 54 पंचायतों में 'सहयोग शिविरों" का आयोजन किया गया। शिविरों में बड़े पैमाने पर जन भागेदारी हुई। शिविरों के सफल संचालन के लिए बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। हजारों की संख्या में प्राप्त आवेदनों में से अधिकांश का त्वरित निदान कर निष्पादन किया गया।
यह पहला अवसर है जब इतने बड़े पैमाने पर एक साथ बिहार के सभी प्रखंडों में दो-दो शिविरों का आयोजन कर खुद "सरकार जनता के दरबार" में पहुंची है। शिविरों में अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना और आपूर्ति योजना से सम्बद्ध रहीं। बड़े पैमाने पर जन भागेदारी के कारण आयोजित सहयोग शिविर, महज सरकारी कार्यक्रम न रहकर जन-आकांक्षाओं का महाकुंभ बन गया।
शिविरों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शासन और प्रशासन ने पूरी सक्रियता दिखाई थी। सम्पूर्ण कार्यावधि जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात प्रखंडों के दौरा में व्यस्त रहे। सभी विधानसभा क्षेत्र के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र के प्रखंडों में जनसमस्याओं के निराकरण में सक्रिय भूमिका का निर्वाह किया।
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने संवाद एजेंसी "यूनीवार्ता" को बताया कि सभी शिविरों में कुल 5430 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5210 का त्वरिक निष्पादन किया गया। शेष 220 आवेदनों को निर्धारित 30 दिनों की अवधि में निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है।" उन्होंने बताया कि "सहयोग शिविर" को उपयोगी और कल्याणकारी बनाने में जिला के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामान्य से अधिक समर्पित भाव से कार्य किया है।
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