मोतिहारी , सितंबर 16 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भ्रष्टाचार, कर्तव्य के प्रति लापरवाही और मनमानेपन के दोषी पाए गए चार सिपाहियों को पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से आज सूचना के अनुसार, गोविंदगंज थाना क्षेत्र के रढ़िया गांव में अमरेश पांडेय के घर से जौनपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी मोहम्मद गौतम से जालसाजी एवं ठगी कर 19 लाख रुपये, दो मोबाइल फोन और एक सोने की चेन छीन लिये जाने के मामले में कांड संख्या 280/2025 दर्ज किया गया था।
इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के लिए गठित छापेमारी दल ने 21 नवंबर 2025 की रात प्राथमिक अभियुक्त चंदन सिंह के घर पर छापेमारी कर 4.15 लाख रुपये नकद, 10 सोने जैसे बिस्किट और एक सोने जैसी चेन बरामद की थी।
सूचना के अनुसार, छापेमारी दल में शामिल सिपाही संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश ने बरामद नकदी में से कुछ रुपये निकालकर आपस में बांट लिये और तीन लाख रुपये गायब कर दिये। इस जांच के दौरान तीन लाख रुपये बरामद किये गये। इसके बाद चारों के विरुद्ध साहेबगंज थाना, मुजफ्फरपुर में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
मामले में चारों को निलंबित कर विभागीय जांच करायी गयी। जांच में उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के परीक्षण के बाद उन्हें कर्तव्य के प्रति लापरवाही, मनमानेपन तथा भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया गया। पुलिस के अनुसार, उनका कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 और बिहार पुलिस एक्ट, 2007 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
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