मोतिहारी , अप्रैल 08 -- बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में मेडिकल एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने प्रस्तावित एयरस्ट्रिप के निर्माण के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेज दी है। यह एयरस्ट्रिप जिला मुख्यालय मोतिहारी के बरियारपुर हवाई अड्डा की भूमि पर बनेगा।

जिला प्रशासन की ओर से तैयार इस विस्तृत रिपोर्ट में प्रस्तावित स्थल की सटीक भौगोलिक स्थिति, जमीन के खेसरा नंबरों सहित राजस्व मानचित्र, स्थल का विस्तृत नक्शा एवं माप, भारतीय सर्वेक्षण विभाग का आधिकारिक मानचित्र, पिछले दस वर्षों के मौसम संबंधी आंकड़े तथा हवा की दिशा का विश्लेषण शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट परियोजना की तकनीकी और भौगोलिक उपयुक्तता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

हालांकि रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यथा भूमि की ऊँचाई-निचाई को दर्शाने वाला कंटूर मानचित्र अभी तैयार किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, इसे अगले दो दिनों के भीतर तैयार कर संबंधित विभाग को भेज दिया जाएगा, जिससे प्रस्ताव की प्रक्रिया पूर्ण हो सकेगी। प्रस्तावित एयरस्ट्रिप को पूर्वी चम्पारण के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना माना जा रहा है। इसके निर्माण से जिले को हवाई संपर्क सुविधा प्राप्त होगी, जिससे विशेष रूप से मेडिकल आपातकालीन स्थितियों में मरीजों के त्वरित परिवहन में सहायता मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास और कनेक्टिविटी को भी नया आयाम देगी।

जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने संवाद एजेंसी "यूनीवार्ता" को बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं और इसके क्रियान्वयन के प्रति प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बिहार का यह दूसरा सबसे बड़ा जिला है। यहां केंद्रीय विश्वविद्यालय संचालित किया जा रहा है। ऐसे में एयरस्ट्रिप का निर्माण एक महत्वपूर्ण है।

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