मोतिहारी , अप्रैल 06 -- बिहार में पूर्वी चंपारण जिले में उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रखंडों में उर्वरक प्रतिष्ठानों में अनियमितता के मामले में छह प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति रद्द करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।
जिला कृषि विभाग की टीम की ओर से सीमावर्ती एवं अन्य प्रखंडों में कुल 52 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक की मात्रा और गोदाम में उपलब्ध भौतिक स्टॉक का मिलान किया गया। जांच में छह प्रतिष्ठानों को अनियमित उर्वरक व्यापार में संलिप्त पाया गया, जिनके विरुद्ध संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कार्रवाई के तहत आदापुर प्रखंड के मेसर्स विजय खाद भंडार, घोड़ासहन प्रखंड के ओम साईं कृषि सेवा केंद्र एवं विकास खाद बीज भंडार, छौड़ादानों प्रखंड के सिद्धि खाद भंडार और जय माता दी ट्रेडर्स के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा बनकटवा प्रखंड में एक अज्ञात के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने संवाद एजेंसी "यूनीवार्ता" को बताया कि सभी दोषी प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा। उर्वरक की कालाबाजारी करने वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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