मोतिहारी , अप्रैल 06 -- वाणिज्य-कर विभाग, मोतिहारी अंचल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 377 करोड़ रुपये का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है, जो विभाग की कार्यकुशलता के साथ-साथ करदाताओं की बढ़ती जागरूकता और सहयोग को भी दर्शाती है।
राज्य-कर संयुक्त आयुक्त (प्रभारी) संतोष कुमार ने बताया कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मोतिहारी अंचल ने तिरहुत प्रमंडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में रेशनलाइजेशन के बावजूद इस स्तर की वृद्धि हासिल करना विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स कंसल्टेंट्स एवं करदाताओं के सहयोग को देते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयास से यह संभव हो सका है। साथ ही विभागीय पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, अनुशासन और मेहनत भी इस उपलब्धि के पीछे प्रमुख कारण रही है।
श्री कुमार ने बताया कि कर संग्रह बढ़ाने के लिए वर्षभर सघन अभियान चलाए गए। इसके तहत व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण, सड़कों पर चलंत वाहनों की चेकिंग, संदिग्ध लेन-देन की निगरानी और कर चोरी पर सख्त कार्रवाई की गई। इसके अलावा समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल कराने और कर भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए करदाताओं के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा गया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स कंसल्टेंट्स और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की गईं, जिससे करदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हुआ और कर अनुपालन में सुधार आया। मुख्यालय से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर आवश्यक कदम उठाए गए, जिससे संग्रह प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनी।
राज्य-कर संयुक्त आयुक्त ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा सफलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी मोतिहारी अंचल इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कर के रूप में प्राप्त राशि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है, जिससे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
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