मोतिहारी, अक्टूबर 06 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदपुर परसौना गांव में एक विवाहिता की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से अंतिम संस्कार करने का एक वर्ष पुराने मामले में प्रथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतका के परिजनों को घटना से संबंधित कथित वीडियो हाथ लगने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, गोविंदगंज थाना क्षेत्र के झाखरा निवासी पूरन कुमार सिंह ने संग्रामपुर थाने में आवेदन देकर अपनी बहन मनीषा देवी की सुनियोजित हत्या का आरोप लगाया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ससुराल पक्ष द्वारा पहले मनीषा की मौत को फांसी लगाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया और बिना किसी विधिक प्रक्रिया अथवा पोस्टमार्टम कराए शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर साक्ष्य मिटा दिए गए।

पीड़ित भाई ने बताया कि घटना के कुछ दिनों बाद परिजनों को एक वीडियो प्राप्त हुआ, जिसमें मृतका के साथ कथित रूप से मारपीट और प्रताड़ना की जा रही है। आरोप है कि महिला के साथ पहले बेरहमी से मारपीट की गई, उसके हाथ-पैर बांधे गए और फिर कपड़े का फंदा लगाकर उसकी जान ले ली गई। बाद में शव को फंदे से लटका दिया गया, जिससे पूरी घटना आत्महत्या प्रतीत हो।

आवेदन में मृतका की चाची सास किरण देवी (पति- राय सुरेश सिंह), चचेरे देवर रितिक कुमार (पिता- राय सुरेश सिंह) और ननद निकु कुमारी (पिता- ललन प्रसाद सिंह) को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।

संग्रामपुर थाना पुलिस ने प्राप्त आवेदन और साक्ष्यों के आधार पर कांड संख्या 356/2026 दर्ज कर लिया है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या), 238 (साक्ष्य मिटाना) एवं 3(5) (साझा मंशा) के तहत दर्ज की गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सब-इंस्पेक्टर (एस.आई.) प्रमोद कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं से जांच कर रही है तथा वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है।

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