मोतिहारी , मई 08 -- बिहार के पूर्वी चंपारण में मादक एवं मनोत्तेजक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने गांजा तस्करी मामले में चार अभियुक्तों को दोषी पाते हुए प्रत्येक को 11 वर्षों के सश्रम कारावास तथा तीन-तीन लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सजा पाने वालों में पलनवा थाना क्षेत्र के सौनाहा निवासी उमाकांत यादव, दरभंगा जिले के दोनार चौक निवासी इंद्रकांत देव उर्फ रंजीत, बहादुरगंज थाना क्षेत्र के दिलावरपुर निवासी राजीव कुमार मंडल तथा मो. खुर्शीद आजम शामिल हैं।
अभियोजन के अनुसार, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोनल यूनिट पटना के इंटेलीजेंस ऑफिसर अनिल कुमार प्रसाद ने इस मामले में एनसीबी वाद संख्या पीजेडयू /वी /15/2019 दर्ज कराया था। प्राथमिकी में कहा गया कि आठ जुलाई 2019 को रक्सौल थाना क्षेत्र के सौनाहा बाजार सिसवा के पास एक मारुति कार से 45 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। इस दौरान चालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सूचना मिलने पर एनसीबी की टीम पनटोका सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) कैंप पहुंची और बरामद गांजा तथा गिरफ्तार चारों आरोपितों को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। मामले की सुनवाई एनडीपीएस वाद संख्या 53/2019 के तहत हुई, जिसमें विशेष लोक अभियोजक मिथलेश कुमार वर्मा ने आधा दर्जन गवाहों की गवाही कराई।
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