खम्मम , जून 29 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने सोमवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने राज्य पर करीब आठ लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर उसे गंभीर वित्तीय संकट में डाल दिया था।

श्री भट्टी ने एरुपालेम मंडल के जमालपुरम में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने और ध्वजस्तंभ प्राण प्रतिष्ठा व महाकुंभाभिषेकम समारोहों में शामिल होने के बाद कहा कि मौजूदा सरकार 'ईश्वर की सेवा ही मानवता की सेवा है' के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार जनता के कल्याण और तेलंगाना को देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उपमुख्यमंत्री ने पिछली बीआरएस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने कुछ चुनिंदा लोगों के फायदे के लिए राज्य पर शासन किया, तेलंगाना की संपत्ति को लूटा और बाद में उसी पैसे का इस्तेमाल मीडिया चैनलों व सोशल मीडिया अभियानों के जरिए मौजूदा सरकार के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने में किया। उन्होंने पिछली सरकार पर फोन टैपिंग करने और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता को दबाने का भी आरोप लगाया।

श्री भट्टी ने कांग्रेस सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 22,500 करोड़ रुपये की लागत वाले 4.5 लाख 'इंदिरम्मा' घरों को मंजूरी दी गयी है, 1.06 करोड़ परिवारों को मुफ्त में बारीक चावल बांटा जा रहा है, 200 इकाई तक मुफ्त बिजली से 53 लाख घरों को फायदा मिल रहा है तथा 30 लाख कृषि पंप सेटों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत आरटीसी को 10,600 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, आरोग्यश्री स्वास्थ्य बीमा की सीमा को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है, सरकारी शिक्षण संस्थानों में भोजन और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी की है, 27 लाख छात्रों के लिए मुफ्त नाश्ता योजना शुरू की है और बैंक से जुड़े ऋणों के जरिए महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित