चम्पावत , मई 20 -- भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पूर्णागिरी धाम जल्द हेली सेवा से जुड़ेगा। चम्पावत के चुका क्षेत्र में आधुनिक हेलीपैड का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इससे पूर्णागिरी धाम की यात्रा अधिक सुगम हो सकेगी।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता एम.सी. पलड़िया के अनुसार लधिया नदी के किनारे लगभग 1.88 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस आधुनिक हेलीपैड में एक साथ तीन हेलीकॉप्टर उतर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। विभाग ने इसे सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह हेलीपैड धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देगा और क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेगा।
प्रशासन के अनुसार नेपाल सीमा और एनएचपीसी क्षेत्र के निकट स्थित होने के कारण यह परियोजना सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगी। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच के अनुरूप चुका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन और पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी इस परियोजना को अहम कदम माना जा रहा है।
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