कोंडागांव , फरवरी 21 -- छत्तीसगढ़ के परिवहन एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राम मर्दापाल में आयोजित मेला मड़ाई के दौरान पुलिस विभाग की ओर से स्थापित सहायता केंद्र का शनिवार को उद्घाटन किया।

इस अवसर पर श्री कश्यप ने कोंडागांव पुलिस के सोशल मीडिया पेज से जुड़े क्यूआर कोड का भी शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना और उन्हें ऑनलाइन होने वाले अपराधों के प्रति सचेत करना है।

जिला जनसम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार,कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने यातायात जागरूकता अभियान का शुभारंभ करते हुए उपस्थित ग्रामीणों के बीच हेलमेट का वितरण किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने हेलमेट पहनकर सेल्फी लेने का आनंद भी लिया, जिससे यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश मिला।

यह आयोजन पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन में किया गया। उप पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) सतीश भार्गव और उप पुलिस अधीक्षक नरेंद्र पुजारी के पर्यवेक्षण में साइबर जागरूकता अभियान को मेले के मैदान तक पहुंचाया गया। पुलिस विभाग ने इस अवसर पर साइबर वालंटियर बनने के इच्छुक लोगों के लिए भी जानकारी उपलब्ध कराई, ताकि वे ग्रामीण स्तर पर पुलिस का सहयोग कर सकें।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण साइबर अपराध और यातायात नियमों पर आधारित नुक्कड़ नाटक (स्ट्रीट प्ले) रहा। कलाकारों ने सरल और प्रभावी अंदाज में ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, उधार ऐप से होने वाले फ्रॉड और फेक कॉल से बचने के उपायों का प्रदर्शन किया। दर्शकों को समझाया गया कि ओटीपी, पासवर्ड और बैंक विवरण जैसी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। इसके अलावा, यातायात नियमों के पालन पर जोर देते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, तेज गति और शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों के प्रति आगाह किया गया।

मेले में उपस्थित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी इस जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने मंच से ग्रामीणों से अपील की कि वे साइबर अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए पुलिस के प्रयासों में सहयोग करें। वक्ताओं ने कहा कि जनता की सतर्कता और सहयोग से ही ठगी और दुर्घटनाओं में होने वाली जन-धन की हानि को रोका जा सकता है।

पुलिस विभाग का लक्ष्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक सही जानकारी पहुंचाना है ताकि लोग डिजिटल फ्रॉड और सड़क हादसों का शिकार होने से बच सकें। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति किसी साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकता है।

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