जालौन , नवंबर 2 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में रविवार देर रात कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

कालपी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को गोली लगने से घायल अवस्था में गिरफ्तार किया, जबकि तीसरे आरोपी को पुलिस ने अभिरक्षा में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक अधिवक्ता का शव, वारदात में प्रयुक्त कार, अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए हैं। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर को अधिवक्ता गयादीन अहिरवार का मुकदमे के सिलसिले में बातचीत और चाय पीने के बहाने कार में बैठाकर अपहरण कर लिया गया था। परिजनों की काफी खोजबीन के बाद शाम करीब छह बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई। परिजनों की तहरीर पर कालपी कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की।

पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत के निर्देशन में डॉक्टर ईशान सोनी अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तीन क्षेत्राधिकारियों तथा आठ थानों की पुलिस टीमों ने रातभर अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों सर्वेश, आशीष और केशव को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर सचेंडी के पास से अधिवक्ता का शव और आल्टो कार बरामद की गई।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल कार को कालपी थाना क्षेत्र के जंगल में छिपा दिया गया था। पुलिस टीम आरोपियों को साथ लेकर कार बरामद करने पहुंची। आरोपियों के बताए स्थान पर जोल्हूपुर से मदारीपुर के बीच अन्ना फार्म हाउस के रास्ते पर कार खड़ी मिली। इसी दौरान अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर आरोपियों ने पहले से छिपाए गए तमंचों से पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी।

पुलिस के मुताबिक, आत्मरक्षार्थ पुलिस टीम ने जवाबी और नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें सर्वेश शुक्ला और आशीष विश्वकर्मा पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि तीसरे आरोपी केशव को पुलिस ने अभिरक्षा में ले लिया। घायल आरोपियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मौके से अवैध असलहे, जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि थाना कदौरा क्षेत्र की एक जमीन को लेकर गयादीन अहिरवार और कानपुर निवासी इंद्रजीत यादव के बीच मुकदमेबाजी चल रही थी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता इंद्रजीत यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि इंद्रजीत ने पैसे देकर मोनू यादव और उसके तीन साथियों के माध्यम से वारदात को अंजाम दिलवाया था। घटना का मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सर्वेश शुक्ला उर्फ सब्बू (27), आशीष विश्वकर्मा (27) और केशव कटियार (26), निवासी कानपुर नगर के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के साथ मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

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