चंडीगढ़ , जून 26 -- पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले एक वर्ष में 63,749 बैंक खातों को फ्रीज किया है, जिनमें लगभग 540.34 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन जुड़े हुए थे।

पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार को बताया कि वर्ष 2024 से अब तक करीब 64 करोड़ रुपये ठगी के शिकार लोगों को वापस दिलाये गये हैं, जिनमें से 38.42 करोड़ रुपये की रिकवरी केवल एक जनवरी 2025 से अब तक हुई है। इस अवधि में राज्यभर में 62,253 साइबर अपराध मामले दर्ज किये गये। उन्होंने कहा कि समय पर बैंक खातों को फ्रीज करने से साइबर ठगों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और पीड़ितों की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ी है। जालंधर कमिश्नरेट में सबसे अधिक 16,032 खाते फ्रीज किये गये, जबकि तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला और फिरोजपुर में भी बड़ी संख्या में खातों पर कार्रवाई की गयी।

उन्होंने बताया कि हाल ही में कनाडा में रह रहे एक पंजाबी व्यक्ति से जुड़े साइबर ब्लैकमेलिंग मामले का भी पर्दाफाश किया गया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 3.49 लाख रुपये, 500 अमेरिकी डॉलर, 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किये गये।

जिलों में जालंधर कमिश्नरेट में सबसे अधिक 16,032 बैंक खाते फ्रीज़ किये गये, जिससे 6,81,00,323 रुपये की रिकवरी हुई। इसके बाद कपूरथला में 7,344 खाते फ्रीज़ कर 2,56,00,037 रुपये, होशियारपुर में 7,201 खाते फ्रीज़ कर 3,96,29,152 रुपये, जबकि फिरोजपुर में 6,930 खाते फ्रीज़ कर 93,16,954 रुपये की रिकवरी की गयी।

इसी प्रकार तरनतारन में 5,229 खाते फ्रीज़ किये गये, जिससे 6,97,65,710 रुपये की रिकवरी हुई। जालंधर देहात में 4,475 खाते फ्रीज़ कर 55,94,632 रुपये की रिकवरी की गयी। इसके अलावा संगरूर में 1,760 तथा फतेहगढ़ साहिब में 2,685 बैंक खाते फ्रीज़ किये गये।

एक बड़ी सफलता के तहत कनाडा में रहने वाले एक पंजाबी नागरिक से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश किया गया, जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेलिंग की जा रही थी। पीड़ित से सोशल मीडिया पर ऑनलाइन अरदास (प्रार्थना) के नाम पर संपर्क किया गया, उसे वीडियो भेजने के लिए मजबूर किया गया और बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।

शिकायत मिलते ही साइबर क्राइम डिवीजन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से 3,49,100 रुपये और 500 अमेरिकी डॉलर बरामद किये। पुलिस ने 29 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक डोंगल, एक टैबलेट तथा 38 खाली मोबाइल बॉक्स भी जब्त किये। यह मामला हाल के कई सफल अभियानों में से एक है।

स्पेशल पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम) वी. नीरजा ने कहा कि पुलिस केवल साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि लोगों को भी जागरूक बना रही है ताकि वे ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बच सकें। पुलिस युवाओं को ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, सेक्सटॉर्शन तथा फर्जी ऑनलाइन दोस्ती जैसे खतरों के प्रति भी लगातार जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की दोहरी रणनीति- सख्त कानूनी कार्रवाई और जनजागरूकता-साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी साबित हो रही है।

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