चमोली , फरवरी 15 -- उत्तराखंड में चमोली पुलिस ने बिना बताए घर से चले गए एक नाबालिग को रविवार को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया।

चमोली जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने आज जानकारी देते हुए बताया 13 फरवरी को एक स्थानीय व्यक्ति ने कोतवाली कर्णप्रयाग में आकर सूचना दी कि उनका नाबालिग पुत्र (14) 12 फरवरी को बिना बताए घर से कहीं चला गया है।

मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण चमोली जिले पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। जिस पर कोतवाली कर्णप्रयाग में मामला पंजीकृत किया ।

पुलिस उपाधीक्षक श्री त्रिवेन्द्र सिंह राणाके पर्यवेक्षण औरप्रभारी निरीक्षक श्री राकेश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में गुमशुदा की तलाश के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।

एस पी कार्यालय ने बताया पुलिस टीम ने किशोर के परिजनों से पूछताछ कर नाबालिग की दिनचर्या, दोस्तों एवं संभावित ठिकानों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। तथा प्राप्त तथ्यों के आधार पर जांच-पड़ताल करते हुए संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

सर्विलांस सैल की तकनीकी टीम द्वारा मोबाइल डाटा एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर अहम इनपुट उपलब्ध कराए। जिनके आधार पर नाबालिग की लोकेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के आस-पास ट्रेस की गई। इस महत्वपूर्ण सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल हरिद्वार के लिए रवाना हुई, पुलिस की सूझबूझ, लगातार तलाश एवं सक्रिय प्रयासों के फलस्वरूप रविवार को नाबालिग को हरिद्वार बस स्टेशन के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया।

नाबालिग को सुरक्षित कोतवाली कर्णप्रयाग लाया गया। जहाँ काउंसलिंग कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपने पुत्र को सकुशल पाकर परिजनों ने चमोली पुलिस की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने बताया पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। नाबालिग ने बताया वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदी हो चुका था। लत के कारण वह दिसंबर माह से स्कूल नहीं जा रहा था, लेकिन परिजनों को अंधेरे में रखने के लिए वह रोज स्कूल की यूनिफॉर्म पहनकर घर से निकलता था। परीक्षा होने के डर से वह घबरा गया और 12 फरवरी को बिना बताए हरिद्वार चला गया।

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