नयी दिल्ली , मई 13 -- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को पुर्तगाल से वांछित नार्को-आतंकवादी इकबाल सिंह उर्फ शेरा का सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण करने के बाद उसे गिरफ्तार किया।
हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी वित्तपोषण मामले के मास्टरमाइंड शेरा को आज कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए भारत लाया गया। पुर्तगाल से भारत आते ही एनआईए की एक टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। वह 2020 में पुर्तगाल भाग गया था। उसका सफल प्रत्यर्पण एवं गिरफ्तारी, पाकिस्तान समर्थित मादक पदार्थों की तस्करी और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एनआईए की लड़ाई के लिए एक बड़ी सफलता है।
गिरफ्तार भगोड़े के खिलाफ अक्टूबर 2020 से ही हिज्बुल मुजाहिदीन नार्को-टेरर मॉड्यूल में गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी था। जून 2021 से ही उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल नोटिस भी जारी था।
इस मामले की जांच में एनआईए ने शेरा को भारत स्थित एक नार्को-टेरर मॉड्यूल का प्रमुख साजिशकर्ता एवं संचालक पाया, जो पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी करने में शामिल था। पंजाब के अमृतसर का निवासी शेरा पाकिस्तान से सीमावर्ती राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिश का मास्टरमाइंड था।
उसने मादक पदार्थों की तस्करी एवं वितरण का समन्वय और देखरेख की थी और आतंकी गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए हवाला नेटवर्क के माध्यम से पाकिस्तान और कश्मीर स्थित हिज्बुल मुजाहिदीन के गुर्गों तक पैसा पहुंचाता था। भारत विरोधी मादक पदार्थों से संबंधित आतंकी साजिश को आगे बढ़ाने के लिए शेरा ने एक आतंकी गिरोह बनाया था और पंजाब स्थित अपने सहयोगियों का एक नेटवर्क चलाता था, जो बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी, बिक्री से प्राप्त धनराशि की वसूली और वितरकों तथा आतंकी गुर्गों को धन हस्तांतरण में शामिल थे। उसके पाकिस्तान स्थित हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी गुर्गों के साथ घनिष्ठ संबंध थे।
यह मामला मूल रूप से पंजाब पुलिस द्वारा हिलाल अहमद शेरगोजरी नामक एक हिज्बुल मुजाहिदीन ओवरग्राउंड कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के बाद दर्ज किया गया था। पुलिस ने हिलाल के पास से 29 लाख रुपये की मादक पदार्थ की बिक्री से प्राप्त राशि भी बरामद की थी। हिलाल, मृतक आतंकवादी कमांडर रियाज अहमद नाइकू का करीबी सहयोगी था।
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