पुरुलिया (पश्चिम बंगाल) , अप्रैल 19 -- आदिवासी बहुल पुरुलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस दृष्टिकोण के कारण आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा हुई है और शासन में असंतुलन पैदा हुआ है।

श्री मोदी ने कहा, "कई स्कूल बिना शिक्षकों के चल रहे हैं। संताली भाषा का अपमान किया जा रहा है, जबकि मदरसों के लिए भारी आवंटन किया जा रहा है। यह पूरी तरह से तुष्टीकरण है और भाजपा इसे जारी रखने की अनुमति नहीं देगी।"प्रधानमंत्री ने आगे तृणमूल सरकार पर डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया जो निवेश और विकास के लिए हानिकारक है। उन्होंने जोर देकर कहा, "कारखाने डर के माहौल में नहीं आते, वे भरोसे पर आते हैं। जहां डर हो, वहां निवेश नहीं आ सकता। यह विश्वास के वातावरण में आता है। इसलिए, अब 'कट मनी' का खेल नहीं चलेगा।" उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार और डराने-धमकाने के कारण उद्योगों ने राज्य से किनारा कर लिया है।

डर की राजनीति' को लक्षित कर श्री मोदी ने कहा, "यहां बिना कट मनी दिए कोई काम नहीं होता। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो उद्योग कैसे आयेंगे? इस संस्कृति का अंत होना चाहिए।"इससे पहले, बिष्णुपुर में एक हाई-वोल्टेज रैली को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कथित सिंडिकेट संचालन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा, "29 अप्रैल से पहले मैं सभी सिंडिकेट और गुंडों को अंतिम चेतावनी दे रहा हूं कि उनके लिए बेहतर होगा कि वे 23 तारीख तक अपने निकटतम पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दें। चार मई को चुनाव परिणाम आने के बाद किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा।"आदिवासी समुदायों तक भाजपा की पहुंच पर श्री मोदी ने कहा कि केंद्र ने जनजातीय मामलों के लिए अलग मंत्रालय बनाया है और आवंटन में तीन गुना वृद्धि की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार ने बिरसा मुंडा की जयंती को मान्यता दी और एक आदिवासी राष्ट्रपति के चयन सहित आदिवासी नेताओं के लिए अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया।

राज्य सरकार की आलोचना करते हुए श्री मोदी ने आरोप लगाया, "15 साल के भ्रष्टाचार ने पश्चिम बंगाल के हर परिवार को परेशान किया है। तृणमूल के जंगलराज में आदिवासी जिले पिछड़ रहे हैं। सड़क, पानी, स्कूल-सब कुछ खस्ताहाल है। यहां तक कि आदिवासियों की जमीन पर भी उनका नियंत्रण नहीं है, क्योंकि सिंडिकेट ही सब कुछ चला रहे हैं।" उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार अवैध खनन, सिंडिकेट नियंत्रण और भ्रष्टाचार को समाप्त कर देगी। उन्होंने कहा, "भाजपा इस लूट को रोकेगी और आपके घरों तक पानी पहुंचेगा। हम इस सिंडिकेट सिस्टम को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।"महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने तृणमूल पर 'सुरक्षा को कुचलने' का आरोप लगाया और राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अपराध की घटनाओं का उल्लेख किया। चुनावी बदलाव का आह्वान करते हुए उन्होंने मतदाताओं से हर बूथ पर तृणमूल को हराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आपने यहां से भाजपा सांसदों को चुना है। अब भाजपा विधायकों को चुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आपने मुझे प्रधानमंत्री बनाया है। अब यहां भाजपा का मुख्यमंत्री भी बनाइए।"चुनावी नतीजों पर भरोसा जताते हुए श्री मोदी ने आगे कहा, "अपने राजनीतिक अनुभव से मैं कह सकता हूं कि चार मई के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा। अगर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों भाजपा के होंगे, तो पुरुलिया का विकास दोगुनी रफ्तार से होगा-सीएम, पीएम एक साथ, उन्नति होबे दिने राते (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री एक साथ होंगे, तो दिन-रात उन्नति होगी)।"कल्याणकारी वादों का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने रेखांकित किया कि भाजपा के घोषणापत्र के तहत महिलाओं को सालाना 36,000 रुपये, गर्भावस्था के दौरान 21,000 रुपये की सहायता और शिक्षा के लिए 50,000 रुपये मिलेंगे, साथ ही 75 लाख महिलाओं के लिए उच्च आय सुनिश्चित करने के प्रयास किये जायेंगे।

उन्होंने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का विरोध करने के लिए भी तृणमूल पर निशाना साधा और मतदाताओं से इस चुनाव में 'इस अपराध के लिए पार्टी को सजा देने' का आग्रह किया।

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