धार , जनवरी 31 -- मध्यप्रदेश में धार जिले की औद्योगिक नगरी पीथमपुर में श्मशान घाट के पास मिले युवक के शव के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या कर शव को श्मशान घाट के पास फेंक दिया था।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार, मृतक का मोबाइल फोन और उसकी टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार यह मामला 25 जनवरी का है, जब पीथमपुर के सेक्टर-01 थाना क्षेत्र अंतर्गत श्मशान घाट में एक अज्ञात युवक का शव मिला था। प्रथम दृष्टया शव तीन से चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। घटनास्थल के आसपास खाली इंजेक्शन मिलने से शुरुआत में नशे की हालत में मौत की आशंका जताई गई थी, लेकिन जांच के दौरान घटनास्थल पर खून के निशान पाए गए, जिससे हत्या की आशंका गहराई।

उप निरीक्षक चांदनी सिंगार और सोहन सिंह कायत द्वारा आसपास दर्ज गुमशुदगी प्रकरणों की जांच की गई। गुमशुदा युवकों के हुलिए से मिलान करने पर 19 वर्षीय ध्रुव का विवरण मृतक से मेल खाया। परिजनों को बुलाकर शिनाख्त कराई गई, जिन्होंने जूते और कपड़ों के आधार पर शव की पहचान ध्रुव के रूप में की। परिजनों ने बताया कि ध्रुव 21 जनवरी से लापता था और वह अपनी नई टीवीएस मोटरसाइकिल से घर से निकला था, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद आ रहा था।

शव का पोस्टमार्टम कराए जाने पर हत्या की पुष्टि हुई। पीएम रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने ध्रुव की गर्दन, कंधे, बाइसेप्स और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे उसकी मौत हो गई। ध्रुव अविवाहित था और परिवार का इकलौता बेटा था। पीएम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।

थाना प्रभारी ओपी अहीर ने बताया कि भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही अंकलेश उर्फ टोनी पटेल उम्र 19 वर्ष निवासी कॉसमॉस कॉलोनी भाटखेड़ी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों हितेश सोलंकी उम्र 21 वर्ष निवासी बागोदा, रोहित उर्फ रुद्राक्ष सोलंकी निवासी हाउसिंग कॉलोनी सेक्टर-01 पीथमपुर और एक नाबालिग के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शराब की बोतल फोड़कर उसके नुकीले हिस्से और चाकू से ध्रुव के गले पर वार किए और उसके चेहरे पर लात-घूंसे मारे। हत्या के बाद शव को उठाकर नाली में फेंक दिया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि जनवरी माह में कंपनी में काम के दौरान अंकलेश और ध्रुव के बीच विवाद और गाली-गलौज हुई थी, इसी पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई।

आरोपियों की गिरफ्तारी में उनि चांदनी सिंगार, सउनि केके परिहार, प्रधान आरक्षक विजय सिंह, प्रधान आरक्षक अनिल, साइबर प्रभारी उनि प्रशांत गुंजल, प्रधान आरक्षक सर्वेश सोलंकी और आरक्षक सूरज तिवारी की अहम भूमिका रही।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित