नयी दिल्ली , जून 03 -- दिल्ली-एनसीआर में पुरानी ट्रकों और बसों के स्थान पर नयी की खरीद को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बुधवार को मंजूर योजना का उद्योग जगत ने स्वागत किया है।
वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, "यह दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ वाहनों को अपनाने की गति बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। केंद्र सरकार द्वारा ब्याज पर पांच प्रतिशत सब्सिडी, राज्यों द्वारा रोड टैक्स में रियायत, तेल विपणन कंपनियों द्वारा प्रति माह 4,800 रुपये तक के ईंधन वाउचर तथा वाहन निर्माताओं द्वारा दी जाने वाली छूट - इन सभी के संयुक्त प्रयास से पुराने वाणिज्यिक वाहनों के मालिकों को इस कार्यक्रम का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। इससे वे ...एनसीआर में प्रदूषण के बोझ को कम करने में योगदान दे सकेंगे।"उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज स्वीकृत इस योजना में केंद्र सरकार पांच साल के लिए ऋण पर ब्याज में प्रतिशत सब्सिडी देगी। वाहनों की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी।
राज्य सरकारें पंजीकरण शुल्क माफ करेंगी और नये वाहनों पर शत-प्रतिशत तक तथा पुराने वाहनों पर 50 प्रतिशत तक मोटर वाहन कर में छूट प्रदान करेंगी। यह छूट 10 वर्षों के लिए लागू होगी। राज्य सरकार योजना में शामिल पुराने वाहनों पर लंबित देनदारियों को भी माफ कर देगी। ऑटो निर्माता एक्स-शोरूम कीमतों पर आठ प्रतिशत की छूट प्रदान करेंगे।
टाटा मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरीश वाघ ने कहा कि "इस योजना को मंजूरी मिलना दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बेड़े के आधुनिकीकरण और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में एक "सकारात्मक कदम" है।
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