रांची , अगस्त 22 -- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ रांची पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस ने जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के खिलाफ कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। मामलों में कुल 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक के समीप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का कार्यक्रम आयोजित किया था। पुतला दहन के प्रयास के दौरान पुलिस और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीखी बहस हुई और धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
दर्ज प्राथमिकी में अंकिता वर्मा, शाहबाज और ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट को शिकायतकर्ता बनाया गया है। नामजद आरोपियों में कुणाल प्रताप, पीयूष, रविंद्र पासवान और चंडी तिवारी समेत अन्य के नाम शामिल हैं। पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डाली गई और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता एवं उलझने की स्थिति बनी।
पुलिस का कहना है कि दर्ज मामलों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद छात्र संगठनों में नाराजगी है। रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों का कहना है कि वे जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, आयोगों में सुधार और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया।
छात्र नेताओं ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने से आंदोलन प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेपीएससी-जेएसएससी में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। वहीं, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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